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स्टूडेंट्स ने मार्कशीट-ब्लैंक चैक गिरवी रखकर खरीदा NEET का पेपर:रातभर ग्रुप में बैठकर रटे जवाब, दो भाइयों ने राजस्थान में 10 से 12 लाख में बेचा पेपर, पार्ट–2

राजस्थान में NEET का लीक पेपर खरीदने के लिए स्टूडेंट्स ने 10वीं, 12वीं की ओरिजिनल मार्कशीट गिरवी रखी। ब्लैंक चेक साइन करके सौंपे। दो भाइयों ने 10 से 12 लाख रुपए में डील फाइनल की। गुरुग्राम (हरियाणा) से टेलीग्राम पर पेपर आ रहा था। कई जगहों पर ग्रुप में बैठकर स्टूडेंट्स ने रातभर सवालों के जवाब रटे। NEET UG पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश सीबीआई की 94 पेज की चार्जशीट में ये खुलासे हुए हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट... मामले में सीबीआई ने एक स्टूडेंट रंजीत सैनी से पूछताछ की तो पता चला कि वह दूसरे स्टूडेंट राहुल पुनिया के साथ NEET के पेपर के सिलसिले में 1 मई 2026 को रोहित मावलिया से मिला था। रोहित के कहने पर 1 मई को जाजोद-टिकिरिया गांव में सुभाष बराला के घर गए। यहां पहले से छह लोग मौजूद थे। रोहित के चचेरे भाई प्रवीण ने उन्हें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सवाल-जवाब वाले सेट की हार्ड कॉपी दी, जिनमें लगभग 500 सवाल थे। इसके बाद वे 2 मई को दोपहर एक बजे तक वहीं रुके रहे। पेपर की कीमत 10 से 12 लाख रुपए सीबीआई इन्वेस्टिगेशन में पता चला है कि रोहित सीकर में B.Sc. फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। उसे अमित कुमार मीणा नाम के एक शख्स ने बताया था कि ऋषि बिवाल के जरिए NEET के सवाल प्रति कैंडिडेट 10-12 लाख रुपए में मिल सकते हैं। अगर वह 10-12 स्टूडेंट का इंतजाम कर ले तो उसे (अमित को) अपने लिए फ्री पेपर मिल सकता है। इसके बाद रोहित ने चचेरे भाई प्रवीण से कुछ स्टूडेंट्स का इंतजाम करने को कहा, जो पेपर के बदले मोटी रकम दे सकें। प्रवीण ने 3 स्टूडेंट का इंतजाम किया। वहीं एक और दोस्त हिमांशु कुमार के जरिए रोहित ने 4 स्टूडेंट्स का इंतजाम किया। फ्री पेपर पाने के लिए 13 स्टूडेंट्स जुटाए सीबीआई इन्वेस्टिगेशन में अमित ने भी बताया कि सीकर में NEET की तैयारी के दौरान वह ऋषि से मिला था। ऋषि ने उससे NEET के पेपर के लिए 10-12 लाख रुपए का इंतजाम करने को कहा था। उसकी फाइनेंशियल कंडीशन मजबूत नहीं थी, ऐसे में ऋषि ने उसे पेपर फ्री में देने का ऑफर दिया। लेकिन इसके लिए उसे 10-12 लाख रुपए देने वाले 10-12 स्टूडेंट्स का इंतजाम करने को कहा। इस काम में अमित ने अपने दोस्त रोहित की मदद ली। रोहित ने चचेरे भाई प्रवीण और दोस्त हिमांशु के जरिए 7 स्टूडेंट्स जुटाए। वहीं अमित ने अपने दोस्त कृष्ण गोपाल लेघा के जरिए 4 और खुद ने चचेरे भाई और रूममेट सहित 2 स्टूडेंट्स जुटाए। इस तरह अमित के पास कुल 13 स्टूडेंट्स थे। ऋषि के फ्लैट पर हुई डील इसके बाद रोहित ने सीकर में ऋषि बिवाल के फ्लैट पर ऐसे स्टूडेंट्स की ओरिजिनल मार्कशीट कलेक्ट की, जिनसे उनकी पेपर को लेकर डील हो गई थी। इसी दौरान 29 अप्रैल 2026 को ऋषि ने टेलीग्राम एप के जरिए अपने रूममेट आदित्य मीणा के मोबाइल पर सवालों और जवाबों की सॉफ्ट कॉपी भेजी। उन्हें बताया कि उसके पिता दिनेश बिवाल उर्फ खटीक और चाचा मांगीलाल बिवाल अगले दिन 30 अप्रैल 2026 को फिजिकल कॉपी भी दे देंगे। इसी दौरान अमित कुमार मीणा ने PDF को एक पेन ड्राइव में ट्रांसफर कर लिया, जिसे जांच के दौरान उससे जब्त भी कर लिया गया। बोले- 150 से ज्यादा सवाल मैच होंगे, तभी देंगे रुपए 30 अप्रैल को रोहित दोस्त अमित कुमार मीणा के साथ सवालों की फिजिकल कॉपी लेने झुंझुनूं बाईपास गया था। वहां मांगीलाल और दिनेश बिवाल नाम के दो शख्स एक काली वरना कार में आए। उन्होंने अमित को तीनों सब्जेक्ट्स के सवालों के 11 सेट सौंपे। इस दौरान अमित ने 4 स्टूडेंट्स आशवीर अढाना, अशोक गुर्जर, विकास मीणा और खुद की दसवीं-12वीं की ओरिजिनल मार्कशीट सिक्योरिटी के तौर पर मांगीलाल और दिनेश को दे दी। मांगीलाल और दिनेश ने उन्हें बताया था कि स्टूडेंट्स को सवालों के लिए तभी पैसे देने होंगे, जब 150 से ज्यादा सवाल एग्जाम के पेपर से मैच हो जाएंगे। सीबीआई ने 13 मई को दोनों भाइयों मांगीलाल व दिनेश और मांगीलाल के बेटे विकास को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से मोबाइल और दूसरे डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए और उनकी जांच की गई। मांगीलाल के मोबाइल में टेलीग्राम के जरिए लीक हुए सवालों वाली PDF फाइलें मिल गई। मांगीलाल को यश ने दिए थे सवाल इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि मांगीलाल को ये सवाल यश यादव नाम के आदमी से मिले थे। यश के कहने पर ही मांगीलाल ने 29 अप्रैल 2026 को अमन बिवाल की 10वीं और 12वीं कक्षा की ओरिजिनल मार्कशीट और टीसी के साथ-साथ एक साइन किया हुआ ब्लैंक चेक, यश यादव के दोस्त यश कक्कड़ को सिक्योरिटी के तौर पर दिया था। बाद में 15 मई को तलाशी के दौरान ये सब यश कक्कड़ के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज, जयपुर के साबरमती हॉस्टल के रूम नंबर 119 से सीबीआई ने बरामद किए थे। सीबीआई ने इन्वेस्टिगेशन में 13 मई 2026 को ही यश यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। गुरुग्राम के फर्रुखनगर के खेरा खुर्रमपुर गांव में उसके घर की तलाशी ली तो केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सवालों-जवाबों के प्रिंटआउट मिले। यश के फोन से कई आपत्तिजनक चैट और डॉक्यूमेंट्स मिले। यश यादव ने नासिक के शुभम मधुकर खैरनार से 29 अप्रैल 2026 को मोबाइल फोन पर इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप के ज़रिए लीक हुए सवाल हासिल किए थे। यश यादव के फोन नंबर 857****494 में 'Ap broker' के नाम से सेव एक फोन नंबर 860****070 के साथ ये चैट मिली थी। इस चैट में, 860****070 नंबर इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति ने पुष्टि की कि 'AP broker' और कोई नहीं शुभम मधुकर खैरनार है। वो इस नंबर का इस्तेमाल सिर्फ़ 3 मई के काम के लिए कर रहा है। टेलीग्राम से 4 पीडीएफ फाइलें भेजीं थी सीबीआई की जांच में सामने आया कि मांगीलाल ने अपने मोबाइल नंबर 995****360 से जुड़े टेलीग्राम अकाउंट @Hindusthan8360 का इस्तेमाल करते हुए यश यादव से सीधे संपर्क किया था। इसके बाद यश यादव ने टेलीग्राम आईडी hunter23i से उसे 3 पीडीएफ फाइलें भेजी थी। इनमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी एमसीक्यू थे। इनके अलावा यश यादव ने एक और पीडीएफ भी फॉरवर्ड की, जिसमें इन सवालों की आंसर-की थी। सीबीआई के मुताबिक़ यही वो टाइम था जब लीक पेपर राजस्थान में ऑफिशियली पहली बार पहुंचा और मांगीलाल परिवार के नेटवर्क ने इसे आगे बांटना शुरू कर दिया था। प्रिंट आउट लेकर डिलीट कराई फाइल ये पीडीएफ हाथ लगने के बाद मांगीलाल और उसका भाई दिनेश 29 अप्रैल 2026 को जयपुर में खो नागौरिया इलाके में बजरंग कंप्यूटर्स ई मित्र पर गए। वहां से पीडीएफ के प्रिंटआउट लिए। दुकान मालिक मोहन लाल ने सीबीआई को बताया कि मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने ये पीडीएफ वॉट्सएप से भेजी थी और प्रिंटआउट लेने के बाद तुरंत डिलीट करा दी थी। ये सब कुछ दुकान में लगे सीसीटीवी में भी रिकॉर्ड हुआ, जिसकी फुटेज सीबीआई ने ले ली। मांगीलाल के मोबाइल फोन में कुछ कॉल रिकॉर्डिंग्स मिली। 27 अप्रैल 2026 की एक बातचीत में मांगीलाल ने अपने भाई दिनेश को बताया कि उसने यश यादव से बात की और पूछा था कि लीक पेपर कब आएगा? यश यादव ने उसे दो-तीन दिनों के भीतर डिलीवरी कर देना कन्फर्म किया था। वहीं इससे पहले 27 अप्रैल 2026 की बातचीत के एक अन्य ऑडियो में, दोनों भाइयों ने चिंता जताई थी कि यदि विकास और ऋषि ने ज्यादा लालच दिखाया तो हम एक्सपोज भी हो सकते हैं। विकास ने स्टूडेंट्स को यश तक पहुंचाया सीबीआई इन्वेटिगेशन में सामने आया कि विकास अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश के साथ मिलकर NEET UG 2026 के लीक पेपर की सप्लाई और रुपए जमा करने में शामिल था। उसने पेपर खरीदने वाले स्टूडेंट्स की व्यवस्था की और उन्हें यश यादव तक पहुंचाया था। विकास ने सीकर में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के अपने पुराने साथी हिमांशु सिंह राठौर से संपर्क किया। 30 अप्रैल 2026 को हिमांशु ने विकास के वॉट्सएप नंबर 810****061 से लीक सवालों वाली 5 से 6 पीडीएफ फाइलें प्राप्त कीं थी। विकास ने ही हिमांशु के नीट फॉर्म का पूरा डिटेल लिया और यश यादव को भेज दिया। इसी तरह उसने कोचिंग के दिनों से जाने-पहचाने यूनुस खान से इंस्टाग्राम आईडी “क्यूट गर्ल” के जरिए कॉन्टेक्ट किया और उनका भी नीट एग्जाम फॉर्म का पूरा डिटेल लेकर यश यादव तक पहुंचाया। 12 अप्रैल और 17 अप्रैल 2026 के वॉट्सएप चैट में यश विकास से बार-बार पूछ रहा था कि कितने अभ्यर्थी व्यवस्थित हो गए? विकास के जब्त आईफोन से सामने आया कि उसके मोबाइल नंबर 839****987 से जुड़े टेलीग्राम आईडी और दूसरे नंबर 846****915 के बीच लीक पीडीएफ शेयर हुईं थी। 13 आरोपी, 360 गवाह जांच में सामने आया था कि यूनुस खान ने विकास के बैंक खाते से 5 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। वहीं दिल्ली के नितेश से विकास के खाते में 50,000 रुपए आए थे। बदले में विकास ने उसे लीक पेपर का एक सेट दिया था। इसके अलावा उसने सीकर के कोचिंग साथी मोहित शर्मा के जरिए स्टूडेंट जतिन शेखावत के पिता विजय पाल सिंह शेखावत से भी 50,000 रुपए लिए थे। ये सब मोहित शर्मा, विजय पाल सिंह शेखावत, जतिन और आशीष कुकना ने सीबीआई को बयान देकर कन्फर्म किया हैं। सीबीआई ने अपनी इन्वेस्टिगेशन के बाद पेश की गई चार्जशीट में कुल 360 गवाह बनाये हैं। इनमें राजस्थान से जुड़े शशिकांत सुथार, हितेश कुमार, लक्ष्य राज, योगेश प्रजापत, यश कक्कड़, मोहन लाल सेन, रिंकेश चौधरी, आदित्य मीणा, राहुल पूनिया, रंजीत सिंह सैनी, ऋषभ, रजत चौधरी, अभिषेक सैनी, आदित्य दहिया, रोहित मावलिया, अमित कुमार मीणा, विजय पाल सिंह शेखावत, मोहित शर्मा, हिमांशु सिंह राठौर, सुनील चौधरी और जितिन सिंह शेखावत को गवाह के तौर पर पेश किया है। वहीं इस चार्जशीट में 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें राजस्थान के मांगीलाल खटीक, दिनेश खटीक, और विकास खटीक को भी आरोपी बनाया गया है। इनके अलावा यश यादव, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार,डॉ. मनोज शिरूरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार भी शामिल हैं। ... यह खबर भी पढ़ें... राजस्थान के टीचर को मिला था NEET का लीक पेपर:मकान मालिक ने दिखाई थी पीडीएफ, MBBS कर रहे बेटे ने वॉट्सएप पर भेजा था, पार्ट-1

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8/12/2026 | 12:33 pm 2 Min Read
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📌 **मुख्य समाचार**: • स्टूडेंट्स ने मार्कशीट-ब्लैंक चैक गिरवी रखकर खरीदा NEET का पेपर:रातभर ग्रुप में बैठकर रटे जवाब, दो भाइयों ने राजस्थान में 10 से 12 लाख में बेचा पेपर, पार्ट–2 को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। • जानिए आज की मुख्य बातें और विशेष अपडेट। 📖 **विस्तृत रिपोर्ट**: आज स्टूडेंट्स ने मार्कशीट-ब्लैंक चैक गिरवी रखकर खरीदा NEET का पेपर:रातभर ग्रुप में बैठकर रटे जवाब, दो भाइयों ने राजस्थान में 10 से 12 लाख में बेचा पेपर, पार्ट–2 से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। इस विषय पर क्षेत्र के विशेषज्ञों ने अपने सुझाव और विश्लेषण पेश किए हैं। सत्यापित और ताजा खबरों के लिए टॉली न्यूज के साथ बने रहें।

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