नालंदा सदर अस्पताल के 41 डॉक्टरों का सैलरी रुकी:बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं बनाना पड़ा महंगा, अब भी रजिस्टर पर ही भरोसा; डीएम ने की कार्रवाई
नालंदा के सदर अस्पताल में डॉक्टरों के ड्यूटी से नदारद रहने और समय पर न आने की पोल एक बार फिर खुल गई है। जिलाधिकारी उदिता सिंह के सख्त आदेशों के बावजूद बायोमेट्रिक हाजिरी सिस्टम को नजरअंदाज करना डॉक्टरों को भारी पड़ गया है। जुलाई माह में बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी उपस्थिति दर्ज न कराने के कारण 42 में से 41 डॉक्टरों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है। पूरे अस्पताल में केवल उपाधीक्षक ही अपना वेतन पाने में सफल रहे हैं। 21 डॉक्टरों ने मशीन को छुआ तक नहीं अस्पताल प्रशासन से मिले आंकड़ों के अनुसार, यहां पदस्थापित कुल 42 डॉक्टरों में से 21 ने जुलाई माह में एक बार भी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। वहीं, 8 डॉक्टरों ने उपस्थिति तो दर्ज कराई, लेकिन वह भी अनियमित रही। डॉक्टरों के आने-जाने का कोई डिजिटल और प्रामाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण डीएम के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए वेतन रोक दिया गया है। नियमित रूप से बायोमेट्रिक हाजिरी बनाने वाले एकमात्र चिकित्सक, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन को ही जुलाई का वेतन जारी किया गया है। शेष डॉक्टर अभी भी पुराने उपस्थिति रजिस्टर के सहारे ही काम चला रहे हैं। 26 जून के निरीक्षण के बाद हुआ था अनिवार्य चिकित्सकों की इस लापरवाही की जड़ें पिछले महीने हुई एक जांच से जुड़ी हैं। 26 जून को मोहर्रम के दिन गोली लगने से जख्मी एक युवक को सदर अस्पताल से रेफर किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन डीडीसी रंजन कुमार चौधरी के नेतृत्व में अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया। आपात स्थिति होने के बावजूद जांच टीम को 21 डॉक्टर ड्यूटी से गायब मिले थे। इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डीएम उदिता सिंह ने न केवल अनुपस्थित डॉक्टरों का वेतन काटने का आदेश दिया था, बल्कि भविष्य के लिए सभी चिकित्सकों व कर्मियों की बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी थी। इन 8 डॉक्टरों ने किया मशीन का उपयोग जुलाई माह में जिन गिने-चुने डॉक्टरों ने बायोमेट्रिक हाजिरी बनाई, उनमें नियमित रूप से हाजिरी बनाने वाले उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन सबसे आगे रहे। उनके अलावा डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. नीतू सहाय, डॉ. प्रशांत, डॉ. संगीता वर्मा, डॉ. पावेल और डॉ. त्रिशला ने भी मशीन का इस्तेमाल किया (भले ही अनियमित रूप से)। 'नियम का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी' सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह ने बताया कि सभी चिकित्सकों और कर्मियों को हर हाल में बायोमेट्रिक हाजिरी बनानी होगी। इससे अस्पताल में उनकी उपस्थिति की नियमित और पारदर्शी निगरानी हो सकेगी। जो डॉक्टर नियम का पालन कर बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं बनाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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